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Saturday, September 19, 2026

मैं तो सपनों का सौदागर हूँ-शिवराज सिंह चौहान

प्रविष्टि तिथि: 19 September 2026 8:43PM by PIB Delhi//वीमेन स्क्रीन

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय के विशेष विकास कदम 

मैं तो दिन में भी सपना देखता हूँ-शिवराज सिंह चौहान ने दिया नया उत्साह 

शनिवार को विदिशा में लखपति दीदियों से संवाद किया

 ज़िला समृद्ध मॉडल इस यादगारी बैठक में रचा गया एक नया इतिहास साबित हुआ


नई दिल्ली
: 19 सितंबर  2026
: PIB Delhi//>>वीमेन स्क्रीन डेस्क>> 

एक ऐतिहासिक आयोजन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विदिशा में लखपति दीदियों से संवाद किया और जिला समृद्ध मॉडल बैठक में शामिल हुए।  यह एक यादगारी कार्यक्रम रहा। श्री चौहान की मौजूदगी से आयोजन में एक नया उत्साह बना रहा। 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने आयोजन के मंच से सभी को विकास के सावों की झलक दिखाते कहा कि हुए मैं तो सपनों का सौदागर हूँ, दिन में भी सपना देखता हूँ, मेरा सपना यही है कि, विदिशा जिले का हर गाँव गरीबी मुक्त हो और विदिशा में रचा जाए एक और नया इतिहास। 

इस आयोजन में स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिले के विकास की मॉनिटरिंग के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड बनाएं। आयोजन का संदेश बहुत स्पष्ट था कि हमने समृद्ध विदिशा का एक मॉडल बनाया है, यह एक नया आगाज़ है।  एक बहुत ही नई और अच्छी शुरुआत। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अच्छे काम करना ही सच्चा धर्म है। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि विदिशा से शुरू हुआ ग्रामीण समृद्धि का नया मॉडल, हर परिवार को आजीविका से जोड़ने का संकल्प पूरा करने की तरफ तेज़ी से बढ़ रहा है। हर घर तक खुशहाली पहुँचने लगी है। 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के प्रवास पर रहे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ वाले गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में शामिल हुए और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने लखपति दीदियों से संवाद करते हुए महिलाओं की आजीविका और आय बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा की। वहीं, केंद्रीय मंत्री ने विदिशा में आयोजित जिला समृद्धि मॉडल की बैठक में शामिल होकर जिले को गरीबी मुक्त बनाने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की कार्ययोजना पर मंथन किया। इस दौरान युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए आरसेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण गतिविधियों, स्वरोजगार के अवसरों और प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी दी।

समृद्ध विदिशा मॉडल का शुभारंभ

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे सपनों के सौदागर हैं और उनका सपना है कि विदिशा जिले का हर गांव गरीबी मुक्त हो। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा, जब हर परिवार के पास आय के दो-तीन साधन हों। इसी संकल्प के साथ विदिशा जिले में ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ का नया प्रयास शुरू किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। छोटे किसानों को आधुनिक कृषि के साथ गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़कर कम से कम दो आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। वहीं, महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर अधिक से अधिक लखपति दीदी बनाने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों और ग्रामीण परिवारों को एफपीओ के माध्यम से सामूहिक रूप से उत्पाद बेचने, कच्चे उत्पाद की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण के साथ बैंक लिंकेज की व्यवस्था भी की जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि इस मॉडल को भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक नया आरंभ और नया आगाज है, जिसकी शुरुआत विदिशा से की जा रही है और इस प्रयोग को आगे देश के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने का प्रयास किया जाएगा।

कौशल प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन से शुरू होंगे बेटियों के अपने रोजगार, युवाओं को भी आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य

श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘समृद्धि मॉडल, परियोजना प्रारूप, विदिशा जिला’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि इस मॉडल के तहत महिलाओं के साथ-साथ युवाओं को भी आजीविका के अवसरों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विदिशा जिले में 15 हजार युवाओं को आजीविका और रोजगार से जोड़कर उनका काम-धंधा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। आरसेटी के माध्यम से बेटियों और भाई-बहनों को ब्यूटीशियन और सिलाई जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। लगभग 30 दिन के प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों से उनके रोजगार को लेकर जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों में लगभग 70 प्रतिशत ने नौकरी के बजाय स्वयं का काम शुरू करने की इच्छा जताई है। ऐसे युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा, ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि एक बैच के बाद दूसरा, फिर तीसरा और इसी क्रम में लगातार प्रशिक्षण बैच संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बेटियों और युवाओं को हुनर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

योजनाओं के समन्वय से होगा गांवों का विकास, ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ से होगी मॉनिटरिंग

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा जिले में गरीबी उन्मूलन और विकास के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पंचायत, जल संसाधन, कौशल विकास और आजीविका मिशन सहित विभिन्न योजनाओं को एक साथ जोड़कर सामूहिक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांवों को गरीबी मुक्त बनाने और ग्राम पंचायत विकास की कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव पारित किए जाएं। ग्राम सभा, स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, एफपीओ और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर योजनाओं का निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएसआर, वित्तीय संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा और पानी, रोजगार, महिलाओं और किसानों की आय, कौशल, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसे मानकों के आधार पर ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ब्लॉक और जिले के विकास की हर छह माह में समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कितने परिवारों की आय बढ़ी, कितनी लखपति दीदी बनीं, कितना जल संरक्षण एवं रिचार्ज हुआ, कितने स्वयं सहायता समूह और एफपीओ बाजार से जुड़े और  पंचायतों ने कितने नवाचार किए, जैसे बिंदुओं को भी मॉनिटरिंग में शामिल किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के आधार पर ही मूल्यांकन नहीं होगा, बल्कि ग्राम सभा से फीडबैक लेकर समुदाय की भागीदारी के साथ पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

माता-पिता का सम्मान और अच्छे कर्म ही सच्चे धर्म का मार्ग

केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा सांसद श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान गणेश और कार्तिकेय जी की कथा सुनाते हुए माता-पिता के सम्मान और उनके महत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश ने माता-पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता ही हमारे लिए पूरा संसार हैं। श्री चौहान ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे काम करना ही सच्चा धर्म है। सच बोलना, दूसरों की मदद करना और सदैव अच्छे कार्यों के लिए आगे बढ़ना धर्म है। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे रहना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों की प्रतिभा सामने आती है और व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने बच्चों को जीवन में बड़ा लक्ष्य रखने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और अपने माता-पिता और गुरुजनों का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। श्री चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे और 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए खेल, शिक्षा और अन्य आवश्यक गतिविधियों के माध्यम से हरसंभव सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा।

****//(रिलीज़ आईडी: 2312565)


Monday, October 31, 2022

मध्यप्रदेश:आत्म-निर्भर होते गाँव-सशक्त होती महिलाएँ-महेन्द्र सिंह सिसोदिया

Bhopal: Monday: 31st October 2022 at 19:57 IST

 प्रदेश में महिलाओं के 4 लाख से अधिक स्व-सहायता समूह हैं 

संकेतक तस्वीरें 

भोपाल: सोमवार: 31 अक्टूबर 2022: (वीमेन स्क्रीन डेस्क// इनपुट कार्तिका सिंह)::

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री
मध्यप्रदेश शासन: 
महेन्द्र सिंह सिसोदिया

हालांकि महिलाओं ने अंतरिक्ष पर भी विजय प्राप्त कर ली है। शायद ही कोई क्षेत्र हो जहाँ महिलाओं की पहुंच न हो चुकी हूँ लेकिन इस सब के बावजूद महिलाओं के लिए घर परिवार की रसोई और अन्य खर्चे चलाना आसान नहीं हो सका। महिला के अपने हाथ में पैसा आए बिना उनका सशक्तिकरण पूरा नहीं हो सकेगा। यह सिथति अमीरी वर्ग की भी है, मध्यवर्ग की भी और गरीब वर्ग की भी। देश के विभिन्न हिस्सों में महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ हो भी रहा है। बहुत सी योजनाएं सक्रियता से चल भी रही हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और दक्षिण भारत में भी बहुत से कदम उठाए गए हैं। आज हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश की जहाँ महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के प्रयास ज़ोरशोर से हो रहे हैं। उनकी व्यक्तिगत आमदनी उनकी मेहनत की कमाई से बढ़ रही है।  मध्यप्रदेश में सक्रिय स्व-सहायता समूह ४५ लक्ष से भी अधिक परिवारों को आर्थिक तौर पर मज़बूत बनाने में जुटे हुए हैं। इस  तरह के आने स्वस्थ समाज का निर्माण तेज़ी से हो रहा है जो आत्म निर्भरता के अभियान को मज़बूत बनाने में जुटा हुआ है। इस आत्म निर्भर समाज की अधिकतर महिलाएं अब स्वयं भी पूरी तरह से पूरी तरह से पूर्ण सशक्तिकरण की तरफ बढ़ रही हैं। 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की अवधारणा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मूर्त रूप ले रही है। प्रदेश के गाँव आत्म-निर्भर स्वायत्त इकाई के रूप में विकसित हो रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से अनेक की कमान महिलाओं के हाथ में है। प्रदेश में महिलाओं के 4 लाख से अधिक स्व-सहायता समूह हैं, जिनसे जुड़े 45 लाख से अधिक परिवार विभिन्न गतिविधियों से न केवल अपने परिवारों को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बना रहे हैं, अपितु महिलाएँ भी सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

प्रदेश की 23 हजार 12 ग्राम पंचायत, 313 जनपद पंचायत और 52 जिला पंचायत के लिये हुए निर्वाचन में 630 सरपंच, 157 जनपद सदस्य और एक जिला पंचायत सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए थे, जिनमें 415 महिला सरपंच हैं। विगत वर्षों में पंचायतों द्वारा स्वयं की आय के कर एवं गैर-कर राजस्व के स्रोतों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करते हुए स्वयं की आय के रूप में लगभग 189 करोड़ रूपये अर्जित किये गये हैं। साथ ही पंचायतें नवाचार में भी आगे हैं। “सूर्य शक्ति अभियान’’ में पंचायतों की विद्युत खपत को सौर ऊर्जा पर अंतरित किया जा रहा है। इससे पंचायतें अतिरिक्त वित्तीय संसाधन भी जुटा सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रदेश के लिये तैयार किये गये आत्म-निर्भरता के रोडमेप पर कार्य करते हुए हमारा विभाग (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) ग्रामीण क्षेत्रों को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में तेज गति से काम कर रहा है। ग्रामों में न केवल अधो-संरचना विकास, बुनियादी सुविधाएँ, रोजगार, स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर कार्य हो रहे हैं, अपितु प्रत्येक परिवार को पक्का आवास भी सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना में विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार दिलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में इस वित्त वर्ष में 152 करोड़ रूपये की लागत से प्रदेश में 125 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं।

प्रदेश में महात्मा गाँधी नरेगा योजना में इस वित्त वर्ष में 36 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार दिलाया गया और 14 करोड़ 93 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए। अनुसूचित जनजाति के परिवारों को रोजगार दिलाने में हमारा प्रदेश देश में अग्रणी है। प्रदेश में इस वित्त वर्ष में अनुसूचित जनजाति के 12 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार दिलाया गया और 4 करोड़ 79 लाख मानव दिवस सृजित हुए। इसी योजना से "कैच द रेन'' अभियान में ग्रामों में 2 लाख 70 हजार जल-संरचनाओं का निर्माण भी किया गया है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में प्रदेश में 52 जिलों के 47 हजार 22 गाँव में कार्य किया जा रहा है। मिशन में अब तक 4 लाख 3 हजार 172 स्व-सहायता समूह का गठन कर 45 लाख 5 हजार परिवार को जोड़ा गया है। इन्हें बैंकों से 4 हजार 408 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया गया है। मिशन के माध्यम से इन परिवारों के 529 करोड़ 43 लाख रूपये के उत्पादों का विक्रय किया गया है। स्व-रोजगार कार्यक्रमों में 73 हजार ग्रामीण युवाओं को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित कर रोजगार मेलों से रोजगार दिलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ-विक्रेता योजना में 3 लाख 81 हजार ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं।

स्वच्छ भारत मिशन के प्रथम चरण में हमारे गाँवों द्वारा निर्धारित अवधि के एक वर्ष पूर्व 2 अक्टूबर, 2018 को ही खुले में शौच मुक्ति (ओडीएफ) का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। मिशन (ग्रामीण) के द्वितीय चरण में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में अब तक 3 लाख 41 हजार व्यक्तिगत शौचालय और 16 हजार 274 स्वच्छता परिसर बनाये गये हैं। साथ ही 15 हजार 164 ग्राम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और 15 हजार 919 गाँव में तरल अपशिष्ट प्रबंधन किया गया है। प्रदेश के 15 हजार 525 ग्राम को ओडीएफ प्लस बनाया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा 2 अक्टूबर, 2022 को हमारे प्रदेश को विभिन्न श्रेणियों में अग्रणी राज्य का पुरस्कार दिया गया है।

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री श्री चौहान के "सबके लिये पक्का आवास'' के संकल्प को पूरा करने के लिये तेज गति से कार्य हो रहा है। प्रतिमाह लगभग एक लाख प्रधानमंत्री आवास बनाये जा रहे हैं। योजना में अब तक प्रदेश में 38 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 29 लाख आवास पूरे कर लिये गये हैं। इन पर 35 हजार करोड़ रूपये से अधिक की लागत आई है। इस वर्ष 6 माह में ही लगभग 4 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किये गये और धनतेरस के पवित्र अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हमारे ग्रामीण हितग्राहियों को वर्चुअल माध्यम से गृह-प्रवेश कराया गया।

ग्रामीण अधो-संरचना विकास के कार्य भी प्रदेश में निरंतर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्राम-सड़क योजना में 8 हजार 942 गाँव को जोड़ने के लिये 20 हजार 89 किलोमीटर लम्बाई की 8 हजार 714 सड़क स्वीकृत की गई हैं, जिनमें अभी तक 19 हजार 135 किलोमीटर की 8 हजार 292 सड़क बनाई जा चुकी हैं। प्रदेश के 8 हजार 456 गाँव को बारहमासी एकल सम्पर्कता से जोड़ा जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन में गत 3 वर्ष में प्रदेश में 9 हजार 127 किलोमीटर सड़क का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है।

इस स्टोरी के बड़े हिस्से की जानकारी लेखक पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री मध्यप्रदेश शासन श्री महेंद्र सिसोदिया ने दी है।