Pardeep Sharma IPTA on Tuesday 24th February 2026 at 13:44 Regarding Sanskar Bharti Meeting
अप्रैल में एक संगीत कार्यक्रम कराने का निर्णय भी लिया गया
लुधियाना: 24 फरवरी 2026: (प्रदीप शर्मा इप्टा// वीमेन स्क्रीन डेस्क)::
जो लोग और संगठन आम जनता और खास कर युवा वर्ग में अच्छे संस्कार पैदा करने के लिए सक्रिय हैं उनमें से संस्कार भारती भारतीय कला, ललित कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय संगठन है। राष्ट्रिय भावना से प्रेरित यह सांस्कृतिक संगठन है। सन 1981 में इसकी स्थापना लखनऊ में हुई थी। यह संस्था कला के माध्यम से राष्ट्रभक्ति जगाने, सांस्कृतिक प्रदूषण को रोकने और भारतीय परंपराओं के संरक्षण के लिए कार्य करती है। इसके मार्गदर्शक मण्डल में नानाजी देशमुख, भाऊराव देवरस, और बाबा योगेंद्र प्रमुख थे। अपनी स्थापना के समय से ही यह संगठन अच्छे संस्कारों को जन जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय हो कर काम कर रहा है। एकता अखंडता और मानवता इसके प्रचार का अक्सर फॉक्स रहते हैं।
इसकी बहुत सी गतिविधियाँ साल भर जारी रहती हैं। 'कला साधक संगम' (वार्षिक अधिवेशन), रंगोली, चित्रकला, संगीत, नाटक और शास्त्रीय नृत्य विधाओं का आयोजन इनमें से प्रमुख हैं।
इस संगठन का दृष्टिकोण कला को 'सॉफ्ट पावर' मानकर भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता को स्थापित करना रहता है। यह संगठन जातिवादी ए क्षेत्रवादी विचारों से बहुत ऊपर उठ कर काम करता है।
इसका कार्यक्षेत्र बहुत विस्तृत है। देश भर में अपनी शाखाओं और सदस्यों के माध्यम से पारंपरिक कलाओं को नई तकनीक से जोड़ना भी इस संगठन के लिए प्रमुख रहता है।
संस्कार भारती का नारा है- "संस्कार भारती भारते नवजीवनम साधयति" (संस्कार भारती भारत में नवजीवन प्रदान कर रही है)।
अब संस्कार भर्ती फिर से सक्रिय है। नव वर्ष में प्रस्तावित सांस्कृतिक गतिविधियों की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से संस्कार भारती की एक साधारण बैठक लुधियाना क्लब में आयोजित की गई।
बैठक में डॉ. बबीता जैन, प्रदीप शर्मा, बेनू सतीश कांत, सीमा भाटिया, अनमोल शुभंम, संगीता भंडारी, डॉ. पूनम सपरा, जसप्रीत मोहन सिंह, मोनिका कटारिया, शांति जैन एवं अंकिता उपस्थित रहे।
बैठक में अप्रैल माह में एक संगीत कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के चयनित बच्चों को एक मंच पर लाकर प्रतियोगिता करवाई जाएगी। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट चार प्रतिभागियों को मोमेंटो तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं की कला से जुड़े एक विशेष सर्वेक्षण की योजना भी तय की गई, जिसके माध्यम से उन महिलाओं को चिन्हित किया जाएगा जिन्होंने अपनी कला को निरंतर जीवित रखा है अथवा जो विभिन्न कारणों से अपनी कला को आगे नहीं बढ़ा सकीं। यह पहल उन्हें पुनः कला के क्षेत्र से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।
बैठक में अगले माह के अंत में एक कवि दरबार आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे साहित्यिक सृजन और संवाद को मंच मिल सके।
संस्कार भारती के नए आयोजनों और अन्य प्रोग्रामों की जानकारी सुश्री बेनू सतीश कॉंत ने दी मीडिया को दी। सुश्री बेनु सतीश कान्त स्वयं भी बहुत अच्छी लेखिका हैं।
अंत में चाय-नाश्ते के साथ बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।
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